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कौशल विकास कार्यक्रम

गृह स्वास्थ्य सहायक

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पिछले दशक में औसत भारतीय लोगों की जीवन प्रत्याशा में बढ़ोत्तरी देखी गई है। अब यह 65 वर्ष से अधिक है। ऐसे वरिष्ठ लोग विभिन्न असाध्य रोगों से ग्रस्त रहते हैं। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय परिवारों की प्रोफाइल संयुक्त परिवार से एकल परिवार (न्यूक्लियर फैमिली) में तब्दील हो गई है, जहाँ परिवार के अधिकतर लोग नियोजित रहते अर्थात काम-काजी होते हैं।

इन परिवारों के सदस्यों के वृद्ध माता-पिता अपने घर पर अकेले रहते हैं। हालांकि उनके परिवार सदस्य उनकी बेहतर देखरेख के इच्छुक होते हैं, परंतु अलग रहने के कारण वे असहाय से ही रहते हैं। प्राय: यह देखा जाता है कि वृद्धजन अपने परिवार के साथ रहना पसंद करते हैं, न कि वृद्धाश्रालयों में।

अत:, इन वृद्धजनों की देखरेख के लिए प्रशिक्षित एवं व्यावसायिक परिचारकों की आवश्यकता बढ़ रही है, जो वृद्धजनों को उनके रोजमर्रा के कार्यों में सहायता कर सकें।

इसके अतिरिक्त, अन्य कमजोर समूह, यानी असाध्य रोगों से ग्रस्त, शय्याग्रस्त रोगियों को भी समय-समय पर इस प्रकार की आवश्यकता की जरूरत होती है।

गृह स्वास्थ्य परिचर्या परिचारक जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ-जन्य सहायता एवं सपोर्ट दे सकते हैं। तथापि, इस प्रकार के कार्मिकों की मांग और आपूर्ति में भारी अंतराल है।

गृह स्वास्थ्य सहायक कौन है?

गृह स्वास्थ्य सहायक (एचएचए) एक प्रशिक्षित एवं प्रमाणित स्वास्थ्य परिचर्या कार्यकर्ता होता है, जो निजी देखभाल (साफ-सफाई एवं व्यायाम) और सामान्य घरेलू कार्यों (जैसे, खाना बनाना) के साथ रोगी को उसके घर पर सहायता (जिसे संक्षेप में एचएचए कहते हैं) और रोगी की स्थिति की देखरेख करते हैं।

इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य चयनित उम्मीदवारों को प्रायोगिक एवं सैधांतिक प्रशिक्षण एवं कौशल प्रदान करना है ताकि वे दिव्यांग्ता के साथ जी रहे वृद्धजनों एवं अन्य लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य परिचर्या उपलब्ध कराकर उनके साफ-सफाई एवं स्वच्छता के मुद्दों का समाधान कर सकें। इसके अलावा, गृह स्वास्थ्य सहायक उन्हें मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक सहायता भी उपलब्ध कराते हैं। वे वृद्ध लोगों के साथ जाकर बाह्य कार्यों को निष्पादित करने में भी सहायता देते हैं।

प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षिक आवश्यकता - उम्मीदवार विज्ञान के साथ 10+2होना चाहिए।

पाठ्यक्रम अवधि:- 3 माह

मूल्यांकन-पाठ्यक्रम को नियमित शिक्षण-कक्षाओं, प्रदर्शनों और कक्षा परीक्षा तथा तीन माह की अवधि की समाप्ति पर अंतिम परीक्षा के आधार पर मूल्यांकित किया जाएगा।